सागर। शहर के तिली तिगड्डा क्षेत्र में ड्राइवर सौरभ अहिरवार के घर से मिले करीब 3.2 करोड़ रुपए की नकदी के मामले में लोकायुक्त ने शिकंजा कस दिया है। जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) के प्रतिवेदन के आधार पर लोकायुक्त ने भोपाल के रिटायर्ड इंजीनियर रमेश कुमार अहिरवार, उनकी पत्नी सहोद्रा बाई सहित कुल चार लोगों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का केस दर्ज किया है।
डीएसपी के नेतृत्व में 5 सदस्यीय टीम करेगी जांच
लोकायुक्त ने पुलिस द्वारा जब्त 3.2 करोड़ रुपए की नकदी और नोटों से भरी उस अलमारी को अपनी कस्टडी में ले लिया है। सागर लोकायुक्त एसपी डीके राठौर के अनुसार, मामले की गहन पड़ताल के लिए डीएसपी के नेतृत्व में पांच सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) बनाया गया है। यह टीम आरोपियों की चल-अचल और अनुपातहीन संपत्ति का ब्योरा जुटा रही है।
अलमारी के बिल से खुला राज
जांच में पुलिस को इंजीनियर की पत्नी के नाम पर अलमारी खरीदने का एक बिल मिला है। आशंका है कि यह अलमारी केवल अवैध नकदी को छुपाकर रखने के लिए ही खरीदी गई थी, जो अब मामले में अहम कानूनी सबूत बन चुकी है।
हथियार की सूचना पर पड़ा था छापा
उल्लेखनीय है कि 16 अगस्त को गोपालगंज पुलिस ने अवैध हथियार की सूचना पर ड्राइवर के घर दबिश दी थी, जहां अलमारी में नोटों से भरे बैग मिले थे। पूछताछ में परिजनों ने यह रकम अपने रिश्तेदार रिटायर्ड इंजीनियर की बताई थी। अब लोकायुक्त रमेश अहिरवार के सेवाकाल के वेतन, जमीन, मकान, बैंक खातों और अन्य निवेशों की बारीकी से जांच कर रही है। मध्य प्रदेश में संभवतः यह पहला मामला है, जहां एफआईआर से पहले ही 3 करोड़ से अधिक की बेनामी नकदी बरामद हुई है।




