Wednesday, July 15, 2026
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पुलिस ने खोज निकाले 1.6 करोड़ रुपए के 675 मोबाइल

ग्वालियर पुलिस ने पिछले कुछ समय में खोए या चोरी हुए 675 मोबाइल फोन ट्रैस कर बरामद किए हैं। यह मोबाइल पुलिस ने एमपी के ग्वालियर, मुरैना, गुना, भिण्ड, शिवपुरी, दतिया के साथ ही यूपी, बिहार, केरल, दिल्ली, गुजरात, राजस्थान एवं उत्तराखंड से बरामद किए हैं। बरामद मोबाइल की कीमत एक करोड़ 60 लाख रुपए है।

संक्रांति के एक दिन बाद जब पुलिस ने मोबाइल धारकों को उनके खोए या चोरी गए मोबाइल लौटाए तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। पुलिस ने साल 2024 में 2092 मोबाइल तलाश कर उनके मालिकों तक पहुंचाए। जिनकी कीमत 4.24 करोड़ रुपए है।

ग्वालियर शहर की साइबर सेल पुलिस ने पिछले 3 महीने के दौरान 675 ऐसे मोबाइल फोन खोज निकाले हैं जो विभिन्न घटनाओं में चोरी, लूट अथवा गुम हुए थे। एसपी धर्मवीर सिंह ने बुधवार को इन मोबाइल फोन को उनके असली मालिकों को सौंपा। इस दौरान चार ऐसे लोगों का भी सम्मान किया गया जिन्होंने लावारिस हालत में मिले मोबाइल को उठाकर पुलिस तक पहुंचाया था। एसपी धर्मवीर सिंह के मुताबिक पिछले 1 साल के दौरान 4756 मोबाइल जाने की शिकायत मिली थीं। इनमें से 3738 मोबाइल को ब्लॉक कराया गया। जबकि 2793 मोबाइल रिकवर हुए। इनमें 2092 मोबाइलों को उनके मालिकों को वापस किया गया है। एसपी के मुताबिक दूरसंचार विभाग के सीईआईआर पोर्टल यानी सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर के माध्यम से इन मोबाइल फोन को ट्रेस किया गया। इन मोबाइल को देशभर के विभिन्न राज्यों से बरामद किया गया। पुलिस के मुताबिक इन सभी मोबाइल को ग्वालियर, मुरैना, गुना, भिंड, शिवपुरी, दतिया, झांसी, बिहार, केरल, दिल्ली, गुजरात, राजस्थान और उत्तराखंड के विभिन्न इलाकों से बरामद किया गया।

इनके खोए थे मोबाइल

जिन लोगों के मोबाइल गायब हुए थे, उनमें रिटायर्ड आर्मी ऑफिसर, डॉक्टर, एडवोकेट, शिक्षक, विद्यार्थी, महिला, मजदूर, शासकीय कर्मचारी और व्यापारी आदि शामिल थे। मोबाइल फोन मिलने पर उनके चेहरे पर एक बार फिर खुशी देखी गई। बुधवार को जो 675 मोबाइल उनके मालिकों को वापस किए गए उनकी कीमत एक करोड़ 60 लाख रुपए बताई गई है।

मोबाइल गुम होने पर करें पोर्टल पर शिकायत

ग्वालियर एसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर पोर्टल के जरिए चोरी अथवा गुम हुए मोबाइल की शिकायत ऑनलाइन की जा सकती है। इस पोर्टल की मदद से मोबाइल को ब्लॉक करने के बाद कोई उसका गलत उपयोग नहीं कर पाएगा। कोई भी व्यक्ति मोबाइल का सिम कार्ड बदलकर दूसरी सिम लगाकर मोबाइल इस्तेमाल करेगा तो वह पोर्टल में दर्ज हो जाएगा और पुलिस को मोबाइल धारक के बारे में सूचना मिल जाएगी ।

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