इंदौर क्राइम ब्रांच ने सॉफ्टवेयर डेवलपर युवती को फर्जी डिजिटल अरेस्ट करने के मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। वह चेन्नई से दुबई भागने की तैयारी में था, लेकिन फ्लाइट में बैठने से पहले ही उसे पकड़ लिया गया। अब उसे इंदौर लाकर पूछताछ की जा रही है। इस मामले में पहले ही दो आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं।
मई 2024 में इंदौर की सॉफ्टवेयर डेवलपर मानसी के साथ यह घटना हुई थी। आरोपियों ने उसे दो दिन तक डिजिटल अरेस्ट कर रखा और उसके खाते से 12 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। शिकायत मिलने पर क्राइम ब्रांच ने कार्रवाई करते हुए आनंद कुमार (निवासी झालावाड़) और के. कृष्ण कुमार (निवासी साइबराबाद, तेलंगाना) को गिरफ्तार किया। पूछताछ में तीसरे आरोपी का नाम सामने आया।
लुकआउट सर्कुलर से हुई गिरफ्तारी
एडिशनल डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश दंडोतिया ने बताया कि तीसरा आरोपी वेंकट नागार्जुन रेड्डी (निवासी सईदाबाद) की तलाश में दो बार दबिश दी गई, लेकिन वह नहीं मिला। इसके बाद उसका लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया। इसी के चलते जानकारी मिली कि वह चेन्नई एयरपोर्ट से दुबई भागने की फिराक में है। क्राइम ब्रांच की टीम ने तुरंत वहां पहुंचकर उसे गिरफ्तार कर लिया और प्रोडक्शन वारंट पर इंदौर लाई।
आरोपी के खाते में 10 लाख, दुबई में भी पार्टनर
पूछताछ में सामने आया कि रेड्डी के खाते में ठगी के 10 लाख रुपए पहुंचे थे। वह कमीशन पर नहीं, बल्कि पार्टनर के रूप में काम करता था। उसने कबूल किया कि उसके कुछ साथी दुबई में हैं, इसी वजह से वह भी वहां भागने वाला था।
देशभर में अपराध, तीन केस दर्ज
दंडोतिया ने बताया कि आरोपी पर साइबराबाद में दो और नामपल्ली, हैदराबाद में एक केस दर्ज है। वह पहले भी गिरफ्तार हो चुका है और दो मामलों में अग्रिम जमानत पर बाहर था। इसके अलावा, वह हरियाणा, चंडीगढ़ और यूपी में भी वांछित है। उससे और जानकारी जुटाई जा रही है।




