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धान-गेहूं खरीदी में हुए भ्रष्टाचार पर शासन ने लिया निर्णय

जबलपुर में लगातार धान खरीदी में ही रही गड़बड़ी और अधिकारी-कर्मचारी की मिलीभगत उजागर होने के बाद अब शासन ने निर्णय लिया है कि मार्कफेड ( मप्र राज्य सहकारी विपणन संघ) नहीं बल्कि नान ( नागरिक आपूर्ति निगम) के द्वारा खरीदी की जाएगी। शासन ने अपनी जांच में यह भी पाया है कि मार्कफेड का खरीदी के दौरान किसानों पर सही ढंग से कंट्रोल ना करने को लेकर बड़े स्तर में गड़बड़ी हुई है, बता दे कि जबलपुर जिले में धान विक्रय के लिए अभी तक करीब 56 हजार किसानों ने पंजीयन करवाया है। धान की खरीदी 2 दिसंबर से शुरू होगी।

जबलपुर में पिछले कुछ सालों से धान और गेहूं खरीदी में बड़ा भ्रष्टाचार हुआ। अमानक धान खरीदी गई जिसके चलते शासन को करोड़ों रुपए का नुकसान भी हुआ। यही वजह है कि जबलपुर में हुए धान खरीदी घोटाले पर राज्य सरकार सख्त हुई और अब प्रदेश भर में निर्णय लिया गया कि मार्कफेड नहीं बल्कि नान धान खरीदी करेगा।

दरअसल 2003 से मार्कफेड ही धान और गेहूं की खरीदी कर रहा है। शुरुआत के कुछ साल तो सब कुछ ठीक हुआ, पर बाद में गड़बड़ी होना शुरू हो गई। खटिया धान और गेहूं खरीदा गया। जिला प्रशासन के साथ-साथ राज्य सरकार को भी मामले पर शर्मिंदगी झेलनी पड़ी। कई वेयर हाउस में सड़ी हुई धान मिली तो कहीं पर धान-गेहूं का स्टॉक कम मिला। शासन ने पाया कि मार्कफेड खरीदी पर कंट्रोल नहीं कर पा रहा है, इस वजह से निर्णय लिया गया कि नागरिक आपूर्ति निगम खरीदी करेगा।

2023 में धान खरीदी के दौरान बड़ी लापरवाही सामने आई थी। जमकर भ्रष्टाचार हुआ। भोपाल से टीम जबलपुर पहुंची और जांच भी की गई। मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ मार्कफेड के प्रबंध संचालक आलोक कुमार सिंह ने प्रबंधक जिला विपणन अधिकारी रोहित सिंह बघेल को निलंबित कर दिया था। जांच में यह भी पाया गया कि शासन की नीति के अनुरूप खरीदी नहीं की गई थी, अधिकारियों ने अपने पद का दायित्व का सही ढंग से निर्वहन नहीं किया था। जिसके चलते करोड़ों का भ्रष्टाचार हुआ और शासन की छवि धूमिल हुई।

जबलपुर जिले में अभी तक 56 हजार से अधिक किसानों ने पंजीयन करवाया है। 2 दिसंबर से शुरू होने वाली खरीदी में जिले की मझौली तहसील सबसे आगे है, जहां अभी तक 14 हजार से अधिक किसानों ने पंजीयन करवाया है। सिहोरा में 12 हजार, पनागर में 9 हजार, पाटन में 8 हजार, शहपुरा में 4 हजार, जबलपुर में 3 हजार, कुंडम में 1400, गोरखपुर में 441, अधारताल में 200 और रांझी में 173 किसानों ने अभी तक पंजीयन करवाया है।

नागरिक आपूर्ति निगम (नान) के जिला प्रबंधक दिलीप किरार का कहना है कि,

शासन स्तर से आदेश मिला है। 2 दिसंबर से शुरू होने वाली खरीदी को लेकर तैयार शुरू कर दी गई है। जिले भर में करीब 120 केन्द्र होंगे। जिस तरह से मार्कफेड में खरीदी के दौरान लापरवाही हुई थी, उस तरह की स्थिति हमारे साथ नहीं बनेगी, क्योंकि हमारे पास अमला पर्याप्त है। हर केंद्र में प्रभारी नियुक्त किए गए है। जल्द ही कलेक्टर के साथ बैठक करने के बाद फाइनल निर्णय धान खरीदी को लेकर किया जाएगा।

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