इंदौर के एक व्यापारी को विदेश यात्रा के नाम पर 6.38 लाख रुपए की ठगी का शिकार होना पड़ा। सोशल मीडिया के जरिए जानकारी मिलने के बाद उन्होंने जयपुर स्थित एक ट्रैवल एजेंसी से संपर्क किया और दक्षिण अफ्रीका जाने के लिए टिकट बुक करवाई। लेकिन मुंबई एयरपोर्ट पर उन्हें यात्रा करने से रोक दिया गया, जिससे उन्हें वापस लौटना पड़ा। इस मामले में व्यापारी ने इंदौर पुलिस कमिश्नर और प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से शिकायत की है।
यात्रा से ठीक पहले रोका गया
पीड़ित व्यापारी प्रणय वशिष्ठ, निवासी वैभव नगर, ने इंदौर पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह को दी गई शिकायत में बताया कि उन्होंने थ्रीलोफिलिया ट्रेवल्स, जयपुर से संपर्क कर 9 सितंबर 2024 से 9 फरवरी 2025 तक की दक्षिण अफ्रीका यात्रा के लिए 6,38,617 रुपए का भुगतान किया था।
10 फरवरी 2025 को जब वे इंदौर से मुंबई पहुंचे, तो छत्तीसगढ़ से उनका भाई भी वहां आ गया। दोनों को केनिया एयरवेज की फ्लाइट KQ-203 से जोहांसबर्ग जाना था। लेकिन सिक्योरिटी चेकिंग के दौरान एयरलाइन अधिकारियों ने उन्हें रोक दिया।
अधिकारियों का कहना था कि उनके पास जोहांसबर्ग जाने के लिए केनिया एयरवेज का टिकट तो है, लेकिन वापसी की टिकट इथोपियन एयरलाइंस की होने के कारण उन्हें यात्रा की अनुमति नहीं दी जा सकती।
एयरलाइन और ट्रैवल एजेंसी ने किया अनदेखा
जब प्रणय ने एयरलाइन से इस नियम के लिखित दस्तावेज मांगे, तो कोई जवाब नहीं मिला। उन्हें ट्रैवल एजेंसी से संपर्क करने को कहा गया। जब उन्होंने एजेंसी से बात की, तो एजेंसी ने पहले टालमटोल किया, फिर खुद के खर्चे पर दक्षिण अफ्रीका जाने और वहीं से यात्रा जारी रखने की सलाह दी। थोड़ी देर बाद एजेंसी ने अपने फोन बंद कर लिए।
पीएमओ तक पहुंची शिकायत, कार्रवाई शुरू
व्यापारी ने पुलिस कमिश्नर के साथ प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में भी शिकायत दर्ज कराई और केनिया एयरवेज को भारत में प्रतिबंधित करने की मांग की। वहीं, उनके वकील कृष्ण कुमार कुन्हारे और डॉ. रूपाली राठौर ने ट्रैवल एजेंसी को 11 लाख रुपए का सेवा में कमी का नोटिस भेजा है।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने मामले को पब्लिक ग्रीवेंस (जन शिकायत) के रूप में दर्ज किया है। इस बीच, केनिया एयरलाइंस ने व्यापारी से माफी मांग ली है, लेकिन अब तक ठगी गई रकम वापस नहीं हुई और न ही दोषियों पर कोई ठोस कार्रवाई हुई है। अब इंदौर पुलिस मामले की जांच कर रही है।




