चार साल पहले रुपयों के लेन-देन को लेकर युवक की हत्या करने वाले आरोपी को जिला कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। मामले में एक नाबालिग भी शामिल था, जिसका केस बाल न्यायालय में चल रहा है।
घटना 5 सितंबर 2021 की है, जब रामचंद्र नगर चौराहे के पास रहने वाले पिंटू दुबे पर जानलेवा हमला किया गया। पिंटू की वहीं पास में पान की दुकान थी। रात करीब 8:30 बजे उसका बड़ा भाई संजय दुबे दुकान पर पहुंचा। इसी दौरान पिंटू पड़ोसी महिला से बात कर रहा था, तभी दो लड़के वहां आए और उसे गालियां देने लगे। उन्होंने ताना मारा—”तू बहुत पैसा-पैसा करता है”—और फिर लोहे के पाइप और मुक्कों से उस पर हमला कर दिया।
पिंटू को बचाने के लिए भाई संजय और अन्य लोग आए, लेकिन हमलावरों ने उन पर भी पत्थर फेंके। उन्होंने पिंटू को पाइप से दो बार मारा, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। इसके बाद हमलावर भागने लगे।
अस्पताल में हुई मौत, दर्ज किया केस
घटना में बीच-बचाव करने वाले विजय सोलंकी, मुरलीधर उर्फ बंटी और निखिल भगाड़े को भी चोटें आईं। उधर, पिंटू को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने जांच के बाद आरोपी पवन पिता चेतराम खतवासे (23) और उसके नाबालिग साथी सहित अन्य पर हत्या का केस दर्ज किया।
चार साल बाद आया फैसला
लगभग चार साल तक इस मामले में सुनवाई चली। 28 फरवरी को कोर्ट ने पवन को हत्या का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। मामले में पैरवी अपर लोक अभियोजक नदीम अहमद और एडीपीओ शिवभान सिंह ने की। यह केस जघन्य अपराधों की सूची में शामिल था, जिसकी हर माह समीक्षा की गई थी।




