भोपाल में ऐशबाग थाने के जिस एएसआई को 5 लाख रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा गया था, उसने साइबर ठगी के 3 आरोपियों को बचाने के लिए 25 लाख की मांग की थी। एएसआई पवन रघुवंशी का कहना था कि इसमें थाना प्रभारी जितेंद्र गढ़वाल, एएसआई मनोज सिंह, हेड कॉन्स्टेबल धर्मेंद्र सिंह समेत अन्य शामिल हैं। मंगलवार को केस के फरार आरोपी प्रधान आरक्षक धर्मेंद्र सिंह को भी हाईकोर्ट जबलपुर से जमानत मिल गई है। इससे पहले टीआई को भी हाईकोर्ट से ही जमानत मिली थी।
एएसआई पवन रघुवंशी के बयानों के आधार पर हुई थी कार्रवाई
रघुवंशी द्वारा पुलिस को दिए बयानों के मुताबिक, मामले में मुख्य आरोपी अफजल खान के साले मुईन खान, उसके भाई वसीम खान और अफजल की पत्नी जाहिदा को आरोपी न बनाने के लिए रिश्वत मांगी गई थी। टीआई जितेंद्र गढ़वाल के कहने पर पवन और साथी एएसआई मनोज सिंह, प्रधान आरक्षक धर्मेद्र सिंह ने पूरी डील की थी।
जिसकी पहली किश्त के तौर पर 4.94 लाख रुपए पवन ने अपने घर पर फरार पार्षद अंशुल उर्फ मोना जैन से लिए थे। इस रकम को एसीपी सुरभी मीणा और उनकी टीम ने पवन के घर से जब्त किया था। पूरी कार्रवाई को पांच मार्च को अंजाम दिया गया था।
ठगी की रकम को साले के माध्यम से इन्वेस्ट करता था सरगना
ठगी के इस रैकेट से कमाए करोड़ों रुपए अफजल खान ने अपने साले मुईन के नाम से टीकमगढ़ में निवेश कर रखे हैं। इस काली कमाई से मुईन खान क्रशर प्लांट से लेकर कई कॉलोनियों का निर्माण कर चुका है। 4 साल पहले तक एक कुरियर कंपनी में काम करने वाला मुईन अब टीकमगढ़ के रसूखदार बिल्डरों में गिना जाता है।
वह महंगी कारों में घूमता है। हाल ही में उसने टीकमगढ़ के मऊचुंगी इलाके में एक बड़ा बंगला बनवाया है। उसने बीजेपी के टिकट पर पार्षद का चुनाव लड़ा लेकिन हार गया।
स्टॉक मार्केट में निवेश कराने के नाम पर ठगी
दरअसल, भोपाल के प्रभात चौराहे स्थित एक बिल्डिंग में ऑडियोलॉजी एडवांस स्टॉक प्राइवेट लिमिटेड नाम से कॉल सेंटर चल रहा था। यहां काम कर रहे 26 युवक-युवती शेयर बाजार में निवेश से संबंधित विज्ञापन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर डालते थे। कॉल करने वालों को स्टॉक मार्केट में निवेश कराने के नाम पर ठगी करते थे।
23 फरवरी को पुलिस ने यहां दबिश देकर संचालक अफजल खान के बेटे अमान को गिरफ्तार किया, लेकिन बाद में छोड़ दिया। मामला तूल पकड़ने के बाद अफजल और उसकी बेटी पर एफआईआर दर्ज कर सोमवार को अफजल को गिरफ्तार किया गया। पुलिस जांच में आरोपी के खाते से करोड़ों रुपए का लेनदेन मिला है। पुलिस ने आरोपी अफजल को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
एएसआई को बर्खास्त करने की तैयारी शुरू
इधर, आरोपी एएसआई पवन रघुवंशी को बर्खास्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अन्य तीनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी विभागीय जांच जारी है।




