विदिशा जिले के सिरोंज में स्कूली बच्चों के साथ यौन शोषण का मामला सामने आया है। आरोप एक निजी स्कूल के टीचर पर है। घटना से जुड़े कुछ वीडियो परिजन तक पहुंचे। जिसके बाद माता-पिता ने बच्चों से पूछताछ की। जांच में सामने आया कि यह सिलसिला लंबे समय से चल रहा था।
पीड़ित बच्चों के परिवार के अनुसार, आरोपी शिक्षक सत्यम रघुवंशी (25) स्कूल में पढ़ाने के बाद ट्यूशन भी पढ़ाता था। वहां बच्चों को रोककर उनके साथ अप्राकृतिक कृत्य करता था। वह बच्चों को धमकी देता था कि अगर किसी को बताया तो उनके परिवार को मार डालेगा, स्कूल में उनकी दोस्ती खत्म करा देगा और उन्हें फेल कर देगा।
पीड़ित बच्चों के परिजन पहुंचे थाने मामले की गंभीरता को देखते हुए कई पीड़ित बच्चों के परिजन थाने पहुंचे। इनमें तीन महिलाएं भी शामिल थीं। पुलिस फिलहाल 5 बच्चों को यौन शोषण का शिकार मान रही है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि पीड़ित बच्चों की संख्या 25 से अधिक है। सिरोंज एसडीओपी उमेश तिवारी ने बताया कि वे पीड़ित बच्चों और उनके परिजनों के बयान दर्ज कर रहे हैं, जिसके बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
5वीं से 8वीं तक के बच्चों को पढ़ाता था बताया जा रहा है कि टीचर स्कूल में 3 साल से पढ़ा रहा है। वह पांचवीं से आठवीं तक के बच्चों को पढ़ाता था। वह शादीशुदा है। उसके परिवार में पत्नी, सालभर का बच्चा, मां-बाप, दो भाई भी रहते हैं। पुलिस ने आरोपी टीचर को गिरफ्तार कर लिया है। एसपी रोहित केशवानी उससे पूछताछ कर रहे है।
मेडिकल के लिए 6 घंटे इंतजार करते रहे बच्चे
मामले में बच्चों के मेडिकल को लेकर लापरवाही भी सामने आई है। दरअसल, पांच बच्चों का सिरोंज के अस्पताल में मेडिकल होना था। पांचों बच्चे परिजनों के साथ शाम 5 बजे अस्पताल पहुंच गए। वहां पता चला कि बीएमओ डॉ. विकास बघेल छुट्टी पर हैं।
उनकी जगह डॉ. गोलू जाटव प्रभारी बीएमओ हैं, लेकिन वह भी किसी शादी समारोह में गए थे। ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर पंकज साकेत ने बताया कि वे अभी फ्रेशर हैं। यहां बॉण्ड पर हैं। उन्हें इस तरह के मामले में मेडिकल करने का अनुभव नहीं है। यह सुनते ही परिजनों ने हंगामा कर दिया। रात करीब 11 बजे परिजन बच्चों को लेकर पुलिस के साथ थाने चले गए।बाद में बच्चों को दोबारा अस्पताल ले जाया गया।




